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Showing posts from February, 2022

सादगी, सहजता और जीजिविषा की प्रतिमूर्ति थे मेजर साहब

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सादगी, सहजता और जिजीविषा की प्रतिमूर्ति  थे मेजर साहब धर्मनिष्ठ  वीर हकीकत  और अतुलनीय जिजीविषा से भरे पृथ्वीराज चौहान के बलिदान दिवस वाले दिन यानी बसन्त पंचमी (5 फरवरी 2022) को  इन्हीं गुणों से पूरित मेजर करतार सिंह जी का देवलोक की ओर प्रस्थान कर जाना वास्तव में ईश्वरीय संयोग है | "आ गया सम्पर्क में जो, धन्यता पाई उसी ने" - यह पंक्ति हर उस व्यक्ति  का अनुभव रहा है , जो कभी भी मेजर साहब से एक बार भी मिल लिया |  मेजर साहब के पिता जी चौधरी राम सिंह द्वारा सेना में भर्ती होकर प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में भाग लेना,  स्वयं मेजर करतार सिंह जी द्वारा 1962, 1965 और 1971 के भीषण युद्धों में  अग्रिम पंक्ति में होकर भाग लेना और तीसरी पीढी के वीरचक्र विजेता वायुसेना के कैप्टन भूपेन्द्र जी द्वारा 1999 के कारगिल युद्ध में  भाग लेना वास्तव में हर सुनने वाले को भीतर तक रोमांचित और प्रेरित करता है |  परिवार  पिता चौधरी राम सिंह और माता चाँदकौर की सात संतानों में से सबसे बड़े करतार सिंह का जन्म 12 दिसम्बर 1933 को हुआ | माता जी का साय...

आजादी अमृत गीतांजलि : भारत की धरती से बाहर भारत माँ की आजादी के लिए किए गए प्रयासों को समर्पित

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  आजादी अमृत गीतांजलि भारत की धरती से बाहर भारत माँ की आजादी के लिए किए गए प्रयासों को समर्पित स्वरचित गीत ..... (गीत "आओ बच्चो तुम्हें दिखाएं ...."  की तर्ज पर) आओ मित्रों तुम्हें सुनाएं, कहानी हिंदुस्थान की । आजादी के अमृत हेतु, किए गए बलिदान की ।। वंदे मातरम् ,  वंदे मातरम् ,  वंदे मातरम् ,  वंदे मातरम्  सात समुद्र पार भी देखो, आजादी प्रयत्नों को । गदर पार्टी की नींव पड़ी, सोहन भाकना के यत्नों को । लाला हरदयाल करतार सराभा, ऐसे ऐसे रत्नों को । हिंदुस्तान गदर अखबार चलाया, गूंजे गदरी पन्नों को । अमेरिका कनाडा में भी, लगाते बाजी जान की ।।1।।    आजादी के अमृत हेतु, किए हर बलिदान की ........... लन्दन की धरती पर भी, दीवाने मतवाले  थे | श्याम जी कृष्ण वर्मा जैसे, वीरों ने सम्भाले थे  | इंडिया हाउस को केंद्र बनाकर,  क्रान्ति  लाने वाले थे  | सावरकर रचित पुस्तक को, अंग्रेज मिटाने वाले थे | कर्जन वायली की मुक्ति गाथा, धींगडा के यशगान की   ।।2।।   आजादी के अमृत हेतु, किए हर बलिदान की ........... उन्नीस सौ पन्द्रह में...